KO
KO 한국어
EN 영어
CN 중국어
JP 일본어
PH 필리핀어권
HI 힌디어
BN 벵골어
TA 타밀어
TE 텔루구어
ML 말라얄람어
FA 페르시아어
MY 버마어
NE 네팔어
MR 마라티어
KN 칸나다어
HA 하우사어
YO 요루바어
SW 스와힐리어
IG 이그보어
ID 인도네시아어
PT 포르투갈어
VI 베트남어
AR 아랍어
RU 러시아어
UK 우크라이나어
RO 루마니아어
IT 이탈리아어
FI 핀란드어
TO 통가어
HR 크로아티아어
SR 세르비아어
TR 튀르키예어
HU 헝가리어
PL 폴란드어
SK 슬로바키아어
LA 라틴어
NL 네덜란드어
CS 체코어
FR 프랑스어
ES 스페인어
DE 독일어
OT 기타 언어
통독 확인
이 일차의 맥체인 본문을 완료했나요?
확인 버튼을 누르면 마이페이지 맥체인 진도표에 완료로 기록됩니다.
열왕기상 1
David in His Old Age and Abishag the Shunammite
1राजा दावीद अब बहुत बूढ़े हो चुके थे. उन्हें ओढ़ाया अवश्य जाता, था मगर कपड़े उनके शरीर को गर्म नहीं रख पा रहे थे.
2इसलिये उनके सेवकों ने उन्हें सलाह दी, “महाराज, हमारे स्वामी के लिए एक जवान लड़की की खोज की जाए, वह महाराज की सेवा करे और उनके सामने ही रहे. वही आपकी गोद में सोया करे, कि महाराज, हमारे स्वामी की देह गर्म रह सके.”
3तब उन्होंने पूरे इस्राएल में एक सुंदर लड़की को खोजना शुरू कर दिया. उन्हें शुनाम देश में ऐसी लड़की मिल गई, जिसका नाम था अबीशाग. वे उसे राजा के सामने ले आए.
4यह जवान लड़की बहुत ही सुंदर थी. उसे राजा की सेविका बना दिया गया, वह उनकी सेवा करने में लग गई; मगर राजा ने उसके साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए.
Adonijah Sets Himself Up as King
5उसी समय हेग्गीथ के पुत्र अदोनियाह ने अपने आपको ऊंचा उठाते हुए यह घोषणा की: “अगला राजा मैं हूं.” उसने अपने लिए रथ और घुड़सवार भी तैयार कर लिए और अपने आगे-आगे दौड़ने के लिए पचास सैनिक भी.
6उसके पिता ने उससे यह प्रश्न करते हुए कभी नहीं रोका: “तुमने ऐसा क्यों किया है?” अदोनियाह एक सुंदर युवक था. उसका जन्म अबशालोम के ठीक बाद ही हुआ था.
7अदोनियाह ने जाकर ज़ेरुइयाह के पुत्र योआब और पुरोहित अबीयाथर से मिलकर बातचीत की. उन्होंने अदोनियाह की तरफ होकर उसकी सहायता भी की.
8मगर पुरोहित सादोक, यहोयादा का पुत्र बेनाइयाह, भविष्यद्वक्ता नाथान, शिमेई, रेइ और दावीद के वीर योद्धाओं ने अदोनियाह को समर्थन नहीं दिया.
9अदोनियाह ने एन-रोगेल नामक स्थान पर जाकर ज़ोहेलेथ नामक चट्टान के पास भेड़ों, बैलों और हष्ट-पुष्ट पशुओं की बलि चढ़ाई. इस मौके पर उसने अपने सभी भाइयों—राजकुमारों और यहूदिया के राजकीय अधिकारियों को तो आमंत्रित किया था,
10मगर उसने इस मौके पर न तो भविष्यद्वक्ता नाथान को, न तो बेनाइयाह को न अपने भाई शलोमोन को और न किसी वीर योद्धा को आमंत्रित किया.
The Counsel of Nathan and Bathsheba
11नाथान ने शलोमोन की माता बैथशेबा से कहा, “क्या तुमने सुना नहीं कि हेग्गीथ का पुत्र अदोनियाह राजा बन गया है, और दावीद हमारे स्वामी इससे अनजान हैं?”
12इसलिये अब मेरी सलाह सुनो, कि तुम अपना और अपने पुत्र शलोमोन का जीवन सुरक्षित रख सको:
13इसी समय राजा दावीद से जाकर कहो, “महाराज, मेरे स्वामी, क्या आपने अपनी दासी से यह शपथ न ली थी, ‘मेरे बाद तुम्हारा पुत्र शलोमोन ही राजा बनेगा, वही मेरे सिंहासन पर बैठेगा? तो फिर अदोनियाह राजा कैसे बन बैठा?’
14जब तुम राजा से बातचीत कर ही रही होगी, मैं वहां तुम्हारे पीछे-पीछे आ जाऊंगा और तुम्हारी बातों में हामी भरूंगा.”
15तब बैथशेबा राजा के कमरे में गई. राजा बहुत ही बूढ़े हो चुके थे और शूनामी अबीशाग उनकी सेवा में लगी थी.
16बैथशेबा ने झुककर राजा को नमस्कार किया.
17बैथशेबा ने उन्हें उत्तर दिया, “मेरे स्वामी, आपने अपनी सेविका से याहवेह, आपके परमेश्वर की शपथ ली थी, ‘तुम्हारा पुत्र शलोमोन ही मेरे बाद राजा होगा, और वह मेरे राज सिंहासन पर बैठेगा.’
18अब देखिए, अदोनियाह राजा बन बैठा है, जबकि महाराज, मेरे स्वामी, आपको इसके बारे में पता ही नहीं है.
19अदोनियाह ने बड़ी संख्या में बैलों, हष्ट-पुष्ट पशुओं और भेड़ों की बलि चढ़ाई है, और उसने राजा के सभी पुत्रों को पुरोहित अबीयाथर और सेनापति योआब को भी बुलाया है, मगर आपके सेवक शलोमोन को इसके लिए नहीं बुलाया गया है.
20महाराज, मेरे स्वामी, इस समय सारे इस्राएल की नज़रें आप पर लगी हैं, कि आप यह घोषणा करें कि महाराज, मेरे स्वामी के बाद कौन सिंहासन पर बैठेगा.
21नहीं तो यही होगा कि जैसे ही आप मेरे स्वामी हमेशा के लिए अपने पूर्वजों में जा मिलेंगे, मुझे और मेरे पुत्र शलोमोन को अपराधी घोषित कर दिया जाएगा.”
22बैथशेबा राजा से यह बातें कर ही रही थी, कि भविष्यद्वक्ता नाथान वहां आ गए.
23उन्हें बताया गया, “भविष्यद्वक्ता नाथान आए हैं.” जब भविष्यद्वक्ता नाथान राजा के सामने पहुंचे, उन्होंने राजा को दंडवत किया.
24इसके बाद नाथान ने कहा, “महाराज, मेरे स्वामी, क्या यह आपकी घोषणा है ‘मेरे बाद अदोनियाह राज करेगा, वही मेरे सिंहासन पर बैठेगा?’
25क्योंकि आज उसने जाकर बैल, हष्ट-पुष्ट पशु और बड़ी मात्रा में भेड़ों की बलि चढ़ाई है. इस मौके पर उसने सभी राजकुमारों, सेनापतियों और पुरोहित अबीयाथर को भी आमंत्रित किया है. ये सभी इस समय उसकी उपस्थिति में यह कहते हुए खुशी मना रहे है. ‘अदोनियाह सदा जीवित रहे!’
26मगर अदोनियाह ने मुझे, हां मुझे, आपके सेवक को, पुरोहित सादोक को, यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह और आपके सेवक शलोमोन को नहीं बुलाया है.
27क्या, यह सब महाराज, मेरे स्वामी द्वारा किया गया है, और आपने अपने इन सेवकों को इस बात की सूचना देना सही न समझा, कि महाराज, मेरे स्वामी के बाद उनके सिंहासन पर कौन बैठेगा?”
David Commands That Solomon Be Made King
28जब राजा दावीद ने यह सुना, उन्होंने आदेश दिया, “मेरे सामने बैथशेबा को बुलाया जाए.” बैथशेबा आकर राजा के सामने खड़ी हो गई.
29राजा ने यह शपथ लेते हुए कहा, “जीवित याहवेह की शपथ, जिन्होंने मुझे हर एक मुसीबत में से निकाला है,
30मैंने इस्राएल के परमेश्वर, याहवेह के सामने जो शपथ ली थी, ‘तुम्हारा पुत्र शलोमोन मेरे बाद राजा होगा और वही मेरी जगह पर मेरे सिंहासन पर बैठेगा,’ मैं आज ठीक यही पूरा करूंगा.”
31यह सुन बैथशेबा ने झुककर राजा को दंडवत करते हुए कहा, “राजा दावीद, मेरे स्वामी, सदा जीवित रहें.”
32राजा दावीद ने आदेश दिया, “पुरोहित सादोक, भविष्यद्वक्ता नाथान और यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह को मेरे सामने बुलाया जाए.” जब वे राजा के सामने आए,
33राजा ने उन्हें आदेश दिया, “मेरे पुत्र शलोमोन को मेरे निज खच्चर पर चढ़ाकर उसे अपने स्वामी के सेवकों के साथ लेकर गीहोन चले जाओ.
34वहां पहुंचकर पुरोहित सादोक और भविष्यद्वक्ता नाथान इस्राएल का राजा होने के लिए शलोमोन को अभिषेक करें. इसके बाद नरसिंग फूंकने के साथ यह घोषणा की जाए. ‘राजा शलोमोन सदा जीवित रहें!’
35आप सभी इसके बाद शलोमोन के पीछे-पीछे आएं. तब वह यहां आकर मेरे राज सिंहासन पर बैठे कि वह मेरे बाद मेरी जगह पर राजा हो जाए; क्योंकि खुद मैंने उसे यहूदिया और इस्राएल पर राजा बनाया है.”
36यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह ने राजा से कहा, “आमेन! महाराज, मेरे स्वामी के परमेश्वर, याहवेह भी ऐसा ही कहें.
37जिस प्रकार याहवेह महाराज, मेरे स्वामी के साथ साथ रहे हैं, उसी प्रकार वह शलोमोन के साथ साथ बने रहें, और उसके सिंहासन को मेरे स्वामी, राजा दावीद के सिंहासन से भी अधिक बढ़ाएं.”
38तब पुरोहित सादोक, भविष्यद्वक्ता नाथान, यहोयादा का पुत्र बेनाइयाह और केरेथि और पेलेथी शलोमोन को राजा दावीद के निज खच्चर पर बैठाकर उसे गीहोन ले गए.
39वहां पुरोहित सादोक ने मिलनवाले तंबू से लाए हुए सींग के तेल से शलोमोन का अभिषेक किया. तब उन्होंने नरसिंगा फूंका और सभी ने एक आवाज में यह नारे लगाए: “राजा शलोमोन सदा जीवित रहें!”
40तब सारी भीड़ बड़े ही आनंद में बांसुरी बजाते हुए राजा के पीछे-पीछे चलने लगी. इतनी तेज थी उनकी आवाज कि इससे धरती डोल उठी!
Adonijah Flees in Fear and Grasps the Horns of the Altar
41यह आवाज अदोनियाह और उसके सभी अतिथियों ने भी सुनी. इस समय वे अपना भोजन खत्म कर ही रहे थे. जैसे ही योआब ने नरसिंगे की आवाज सुनी, वह पूछने लगा, “नगर में इस चिल्लाहट का कारण क्या है?”
42वह यह पूछताछ कर ही रहा था, कि पुरोहित अबीयाथर का पुत्र योनातन वहां आ पहुंचा. अदोनियाह ने उससे कहा, “यहां आओ तुम भले व्यक्ति हो, इसलिये भला समाचार ही लाए होगे.”
43योनातन ने उसे उत्तर दिया, “नहीं! हमारे स्वामी, महाराज दावीद ने शलोमोन को राजा बना दिया है.
44राजा दावीद ने उसे पुरोहित सादोक, भविष्यद्वक्ता नाथान, यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह और केरेथि और पेलेथी भी उसके साथ भेजे हैं. इसके अलावा उन्होंने शलोमोन को राजा दावीद के निज खच्चर पर भी चढ़ा दिया है.
45पुरोहित सादोक और भविष्यद्वक्ता नाथान ने गीहोन में शलोमोन का राजाभिषेक कर दिया है. वे सभी वहां से बड़ी ही खुशी में लौटे हैं. इसलिये नगर में यह आनंद मनाने की आवाज सुनाई दे रही है. यही है वह चिल्लाहट, जो आपने सुनी है.
46इन सबके अलावा अब शलोमोन राज सिंहासन पर बैठे हैं.
47वह सब होने के बाद राजा के सेवकों ने जाकर महाराज, हमारे स्वामी को यह कहते हुए बधाईयां दी है ‘परमेश्वर शलोमोन के नाम को आपके नाम से भी अधिक ऊंचा करें, उनके राज सिंहासन को आपके राज सिंहासन से भी अधिक बढ़ाएं.’ यह सुन महाराज ने अपने पलंग पर ही दंडवत किया.
48साथ ही राजा ने यह भी कहा, ‘धन्य हैं, याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर, जिन्होंने आज किसी को मेरे सिंहासन पर बैठने के लिए चुना है, और उसे खुद मेरी आंखों ने देख लिया है.’ ”
49यह सुन अदोनियाह के सभी अतिथि बहुत ही डर गए. वे सभी उसी समय उठकर अपने-अपने रास्ते पर निकल गए.
50फिर अदोनियाह मन ही मन शलोमोन से डरने लगा; इसलिये उसने तुरंत जाकर वेदी के सींग पकड़ लिए. शलोमोन को इस बात की ख़बर इस प्रकार दी गई:
51“सुनिए, सुनिए! अदोनियाह महाराज से डरता है, इसलिये उसने जाकर यह कहते हुए वेदी के सींग थाम लिए हैं, ‘आज महाराज शलोमोन यह शपथ लें, कि वह अपने सेवक को तलवार से नहीं मारेंगे.’ ”
52शलोमोन ने उत्तर दिया, “यदि वह अपने आपको एक अच्छा व्यक्ति साबित करे, उसका ज़रा सा भी नुकसान न होगा; मगर यदि उसमें दुष्टता का अंश भी पाया गया तो उसकी मृत्यु तय है.”
53राजा शलोमोन ने आदेश दिया कि उसे वेदी से लाकर उनके सामने पेश किया जाए. वह लाया गया, और उसे राजा शलोमोन के सामने पेश किया गया. वह आया और राजा शलोमोन के सामने दंडवत हो गया. राजा शलोमोन ने उसे आदेश दिया, “आप अपने घर को लौट जाइए.”
갈라디아서 5
Keep the Freedom Christ Has Given
1इसी स्वतंत्रता में बने रहने के लिए मसीह ने हमें स्वतंत्र किया है. इसलिये स्थिर रहो और दोबारा दासत्व के जूए में न जुतो.
2यह समझ लो! मैं, पौलॉस, तुम्हें बताना चाहता हूं कि यदि तुम ख़तना के पक्ष में निर्णय लेते हो तो तुम्हारे लिए मसीह की कोई उपयोगिता न रह जायेगी.
3मैं ख़तना के हर एक समर्थक से दोबारा कहना चाहता हूं कि वह सारी व्यवस्था का पालन करने के लिए मजबूर है.
4तुम, जो धर्मी ठहराए जाने के लिए व्यवस्था पर निर्भर रहना चाहते हो, मसीह से अलग हो गए हो और अनुग्रह से तुम गिर चुके हो.
5किंतु हम पवित्र आत्मा के द्वारा विश्वास से धार्मिकता की आशा की बाट जोहते हैं.
6ख़तनित होना या न होना मसीह येशु में किसी महत्व का नहीं है; महत्व है सिर्फ विश्वास का जिसका प्रभाव दिखता है प्रेम में.
7दौड़ में बहुत बढ़िया था तुम्हारा विकास. कौन बन गया तुम्हारे सच्चाई पर चलने में रुकावट?
8यह उकसावा उनकी ओर से नहीं है, जिन्होंने तुम्हें बुलाया.
9“थोड़ा-सा खमीर सारे आटे को खमीर कर देता है.”
10प्रभु में मुझे तुम पर भरोसा है कि तुम किसी अन्य विचार को स्वीकार न करोगे. जो भी तुम्हें भरमाएगा व डांवा-डोल करेगा, वह दंड भोगेगा, चाहे वह कोई भी क्यों न हो.
11प्रिय भाई बहनो, यदि मैं अब तक ख़तना का प्रचार कर रहा हूं तो मुझ पर यह सताना क्यों? इस स्थिति में तो क्रूस के प्रति विरोध समाप्त हो गया होता.
12उत्तम तो यही होता कि वे, जो तुम्हें डांवा-डोल कर रहे हैं, स्वयं को नपुंसक बना लेते!
Serve One Another in Love
13प्रिय भाई बहनो, तुम्हारा बुलावा स्वतंत्रता के लिए किया गया है. अपनी स्वतंत्रता को अपनी शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति का सुअवसर मत बनाओ परंतु प्रेमपूर्वक एक दूसरे की सेवा करो.
14क्योंकि सारी व्यवस्था का सार सिर्फ एक वाक्य में छिपा हुआ है: “जैसे तुम स्वयं से प्रेम करते हो, वैसे ही अपने पड़ोसी से भी प्रेम करो.”
15यदि तुम एक दूसरे को हिंसक पशुओं की भांति काटते-फाड़ते रहे, तो सावधान! कहीं तुम्हीं एक दूसरे का नाश न कर बैठो.
The Works of the Flesh and the Fruit of the Spirit
16मेरी सलाह यह है, तुम्हारा स्वभाव आत्मा से प्रेरित हो, तब तुम किसी भी प्रकार से शारीरिक लालसाओं की पूर्ति नहीं करोगे.
17शरीर आत्मा के विरुद्ध और आत्मा शरीर के विरुद्ध लालसा करता है. ये आपस में विरोधी हैं कि तुम वह न कर सको, जो तुम करना चाहते हो.
18यदि तुम पवित्र आत्मा द्वारा चलाए चलते हो तो तुम व्यवस्था के अधीन नहीं हो.
19शरीर द्वारा उत्पन्न काम स्पष्ट हैं: वेश्यागामी, अशुद्धता, भ्रष्टाचार,
20मूर्ति पूजा, जादू-टोना, शत्रुता, झगड़ा, जलन, क्रोध, स्वार्थ, मतभेद, विधर्म;
21डाह, मतवालापन, लीला-क्रीड़ा तथा इनके समान अन्य, जिनके विषय में मैं तुम्हें चेतावनी दे रहा हूं कि जिनका स्वभाव इस प्रकार का है, वे मेरी पूर्व चेतावनी के अनुरूप परमेश्वर के राज्य के वारिस नहीं होंगे.
22परंतु आत्मा का फल है प्रेम, आनंद, शांति, धीरज, दया, उदारता, विश्वस्तता,
23विनम्रता तथा आत्मसंयम; कोई भी विधान इनके विरुद्ध नहीं है.
24जो मसीह येशु के हैं, उन्होंने शरीर को उसकी वासनाओं और अभिलाषाओं सहित क्रूस पर चढ़ा दिया है.
25अब, जबकि हमने पवित्र आत्मा द्वारा जीवन प्राप्त किया है, हमारा स्वभाव भी आत्मा से प्रेरित हो.
26न हम घमंडी बनें, न एक दूसरे को उकसाएं और न ही आपस में द्वेष रखें.
에스겔 32
A Lament for Egypt, the Sea Monster Caught in the Net
1बारहवें वर्ष के, बारहवें माह के पहले दिन, याहवेह का वचन मेरे पास आया:
2“हे मनुष्य के पुत्र, मिस्र के राजा फ़रोह के बारे में एक विलापगीत लो और उसे सुनाओ:
3“ ‘परम प्रधान याहवेह का यह कहना है:
4मैं तुम्हें भूमि पर फेंक दूंगा,
5मैं तुम्हारा मांस पर्वतों पर बिखरा दूंगा
6मैं तुम्हारे बहते हुए खून से
7जब मैं तुम्हें सूंघकर निकालूंगा तब मैं आकाश को ढांक दूंगा
8आकाश के सब चमकते ज्योतियों को
9जब जाति-जाति के लोगों के बीच,
10जब मैं उनके सामने अपनी तलवार चलाऊंगा,
11“ ‘क्योंकि परम प्रधान याहवेह का यह कहना है:
12मैं शक्तिशाली लोगों की तलवार से
13मैं उसके सब पशुओं को
14तब मैं उसके पानी को साफ कर दूंगा
15जब मैं मिस्र देश को उजाड़ दूंगा
16“यह वह विलापगीत है, जिसे वे उसके लिये गाएंगे. जनताओं की बेटियां इसे गाएंगी; मिस्र देश और उसके सब उपद्रवी लोगों के लिये वे इसे गाएंगी, परम प्रधान याहवेह की घोषणा है.”
Egypt and the Hordes of Nations Gone Down to the Pit
17बारहवें वर्ष के, पहले माह के पन्द्रहवें दिन, याहवेह का वचन मेरे पास आया:
18“हे मनुष्य के पुत्र, मिस्र देश के उपद्रवी लोगों के लिये शोक मनाओ और उसे तथा शक्तिशाली जाति के बेटियों को उन लोगों के साथ पृथ्वी को सौंप दो, जो नीचे कब्र में जाते हैं.
19उनसे कहो, ‘क्या तुम दूसरों की अपेक्षा ज्यादा कृपापात्र हो? नीचे जाकर खतना-रहितों के बीच लेट जाओ.’
20वे उन्हीं के बीच गिरेंगे, जो तलवार से घात किए गये हैं. तलवार म्यान से निकाली गई है; उसे उसके सब उपद्रवी लोगों के साथ घसीटकर ले जाया जाए.
21मृतकों के राज्य के भीतर से ही शक्तिशाली अगुए मिस्र और उसके साथ वालों के बारे में कहेंगे, ‘वे नीचे आ गये हैं और वे उन खतना-रहित लोगों के साथ पड़े हैं, जो तलवार से मारे गये हैं.’
22“अश्शूर वहां अपनी पूरी सेना के साथ है; वह अपने सब मारे गये लोगों की कब्रों से घिरी हुई है, वे सब जो तलवार से मारे गये हैं.
23उनकी कब्र गड्ढों के गहराइयों में हैं और उसकी सेना उसकी कब्र के चारों ओर लेटी हुई है. वे सब जिन्होंने जीवितों के देश में आतंक फैलाया था, घात किए गये हैं; वे सब तलवार से मारे गये हैं.
24“एलाम वहां है, और उसके सब उपद्रवी लोग उसकी कब्र के चारों ओर हैं. वे सब तलवार से मारे गये हैं, जिन्होंने जीवितों के देश में आतंक फैलाया था, वे सब नीचे पृथ्वी में खतना-रहित चले गये हैं. वे उनके साथ ही लज्जित हैं, जो नीचे कब्र में जाते हैं.
25मारे गये लोगों के बीच उसके लिये एक बिछौना बनाया गया है, और उसके सब उपद्रवी लोग उसकी कब्र के चारों तरफ हैं. ये सबके सब खतना-रहित लोग हैं और तलवार से मारे गये हैं. क्योंकि जीवितों के देश में उनका आतंक फैला था, इसलिये वे उनके साथ ही लज्जित हैं, जो नीचे कब्र में जाते हैं; उन्हें मारे गये लोगों के बीच रखा गया है.
26“मेशेख और तूबल वहां हैं, और उनके उपद्रवी लोग उनकी कब्रों के चारों तरफ हैं. उनमें से सब खतना-रहित हैं और तलवार से मारे गये हैं क्योंकि उन्होंने जीवितों के देश में अपना आतंक फैलाया था.
27पर वे मरे हुए उन पुराने योद्धाओं के साथ नहीं पड़े हैं, जो अपने युद्ध के हथियारों के साथ मृतकों के राज्य में नीचे गये—उनकी तलवारें उनके सिर के नीचे रखी थी और उनके ढाल उनकी हड्डियों पर पड़े थे—यद्यपि ये योद्धा भी जीवितों के देश को आतंकित किए थे.
28“हे फ़रोह, तुम्हें भी टुकड़े-टुकड़े कर दिया जाएगा और तुम भी उन खतना-रहितों के बीच पड़े रहोगे, जो तलवार से मारे गये हैं.
29“एदोम, उसके राजा और उसके सब राजकुमार वहां हैं; शक्तिशाली होने के बावजूद, वे उनके साथ पड़े हैं, जो तलवार से मारे गये हैं. वे उन खतना-रहितों के साथ पड़े हैं, जो नीचे कब्र में जाते हैं.
30“उत्तर दिशा के सारे राजकुमार और सारे सीदोनी भी वहां हैं; अपनी शक्ति से आतंक फैलाने के बावजूद, कलंकित होकर वे मारे गये लोगों के साथ कब्र में चले गये. वे खतना-रहित दशा में उन लोगों के साथ पड़े हुए हैं, जो तलवार से मारे गये हैं और उनके साथ ही लज्जित हैं, जो नीचे कब्र में जाते हैं.
31“फ़रोह—वह और उसकी सारी सेना—उन्हें देखेगी और उसे अपने उन सारे उपद्रवी लोगों के बारे में सांत्वना मिलेगी, जो तलवार से मारे गये थे, परम प्रधान याहवेह की घोषणा है.
32यद्यपि मैंने जीवितों के देश में फ़रोह का आतंक फैला दिया था, फिर भी वह और उसके सब उपद्रवी लोग उन खतना-रहितों के बीच पड़े रहेंगे, जो तलवार से मारे गये हैं, परम प्रधान याहवेह की घोषणा है.”
시편 80
Restore Us and Bring Us Back
1इस्राएल के चरवाहे, हमारी सुनिए, आप ही हैं,
2एफ्राईम, बिन्यामिन तथा मनश्शेह
3परमेश्वर, हमें हमारी पूर्व स्थिति प्रदान कीजिए;
4याहवेह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर,
5आपने आंसुओं को उनका आहार बना छोड़ा है;
6आपने हमें अपने पड़ोसियों के लिए विवाद का कारण बना दिया है,
7सर्वशक्तिमान परमेश्वर, हमें हमारी पूर्व स्थिति प्रदान कर दीजिए;
8मिस्र देश से आप एक द्राक्षालता ले आए;
9आपने इसके लिए भूमि तैयार की,
10इसकी छाया ने तथा मजबूत देवदार की शाखाओं ने,
11वह अपनी शाखाएं समुद्र तक,
12आपने इसकी सुरक्षा की दीवारें क्यों ढाह दीं,
13जंगली सूअर इसे निगल जाते,
14सर्वशक्तिमान परमेश्वर, हम आग्रह करते हैं, आप लौट आइए!
15और इस द्राक्षालता की हां उस पौधे की जिसे आपके दायें हाथ ने लगाया है,
16आपकी इस द्राक्षालता को काट डाला गया है, इसे अग्नि में भस्म कर दिया गया है;
17उस पुरुष पर आपके दायें हाथ का आश्वासन स्थिर रहे, जो आपके दायें पक्ष में उपस्थित है,
18तब हम आपसे दूर न होंगे;
19याहवेह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, हमें पुनर्स्थापित कीजिए;